रामरतन देवाचार्य जी महाराज

ब्रह्मपीठाधीश्वर श्री रामरतन देवाचार्य जी महाराज का जीवन परिचय

स्वामी श्री रामरतन देवाचार्य जी महाराज का जन्म जयपुर जिले के जमवारामगढ तहसील स्थित अर्जुनपुरा ग्राम में एम ब्राह्यण परिवार में हुआ था।

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पिताजी के वचन के कारण यह 15 वर्ष की आयु में हीं गुरुदेव भगवान की सेवा करने लग गए थें।

शुरुआत की शिक्षा ग्रहण करने के उपरान्त आगे की शिक्षा ग्रहण करने के लिए गुरुदेव भगवान ने आपको अयोध्या धाम के भेज दिया था वहां से आप उच्च शिक्षा ग्रहण कर आश्रम त्रिवेणी धाम वापस आ गए थे।

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गुरुदेव भगवान का आप प्रति अपार स्नेह था इसलिए गुरुदेव भगवान आपको हर कार्य में आगे रखते थे।

धीरे धीरे गुरुदेव भगवान सारे कार्या की देख रेख की जिम्मेरादी के लिए आपका चयन करने लगे और गुरुदेव भगवान की कृपा से आप सभी कार्या में निपुर्ण होकर हर कार्य व्यवस्था को सर्वोत्तम तरिके से कर देते थे।

इससे प्रसन्न होकर गुरुदेव भगवान आपको महायज्ञ कुंभ मेला आदि की व्यवस्था के जिम्मेदारी भी आपको देने लग गए।

आप को शरुआत से ही मंदिर जीर्णोद्वार का उत्साह रहा है

छोटा सी आयु मे आपने श्री नसिह मन्दिर अर्जुनपुरा और श्री इमली वाले हनुमानजी आदि मन्दिरों का अन्य जीर्णोद्वार कर भव्य शीश महल के भगवान को विराजित किया।

पूज्यपाद् गुरुदेव् भगवान के श्री सीताराम जी की सेवा में लीन होने के बाद ( वर्ष 2018) 23 दिसंबर 2018 को आप का श्री ब्रह्मपीठ पर जगदगुरु द्वाराचार्यो, परिवाराचार्यो, महामंडलेश्वर अनेक संत महंतो भक्तो की उपस्थिति मे गाध्याभिषेक हुआ।

तत्पश्चात् आप ने श्री ब्रह्मपीठ का भव्य जिर्णेद्वार कर गुरुदेव भगवान का नाम रोशन किया ओर गुजरात सहित सम्पूर्ण भारत वर्ष में काठिया परिवार की आचार्य पीठ का मान बढ़ाया।